इंटरनेट और इंट्रानेट में अंतर | Difference between Internet and Intranet in Hindi

इंटरनेट और इंट्रानेट में अंतर

नमस्कार दोस्तों आज हम दो ऐसे शब्दों के बारे में जानेंगे जिनके बारे में बहुत से लोग उलझन में रहते है. ये दोनों शब्द है – इन्टरनेट और इंट्रानेट. लोगो को लगता है ये दोनों एक ही है लेकिन ऐसा नहीं है. इन दोनों में बहुत अंतर है.  इन्टरनेट और इंट्रानेट में अंतर बताने से पहले मै आपको इन दोनों शब्दों का अर्थ और इनके कार्यो के बारे में बताऊंगा जिससे आपको अंतर समझने में आसानी होगी. तो चलिए जानते है कि इंटरनेट और इंट्रानेट में अंतर क्या है और इंटरनेट और इंट्रानेट में क्या समानताये है?

Internet, Intranet में inter और Intra शब्द इन दोनों को अलग करते है.  Internet और Intranet में अन्तर जानने से पहले हमें Inter और Intra का मीनिंग जानना होगा.

  • Inter का मतलब होता है- between or बीच में or एक से दूसरे तक
  • Intra का मतलब होता है- inside or अंदर or भीतर

इन्टरनेट पूरी दुनिया में कंप्यूटरों के बीच का नेटवर्क होता है. और इंट्रानेट किसी कंपनी के अन्दर कंप्यूटरों का नेटवर्क होता है. चलिए अब थोडा विस्तार से जानने की कोशिश करते है कि इंटरनेट और इंट्रानेट में क्या अंतर होता है.

इन्टरनेट की परिभाषा

इन्टरनेट दुनिया भर से सारे कंप्यूटरों का एक बड़ा वैश्विक नेटवर्क है जिसके द्वारा सारे computers एक दूसरे से जुड़े होते है. और इसी नेटवर्क के द्वारा हम बहुत सारी जानकारी घर बैठे प्राप्त कर लेते है. इन्टरनेट से जुड़ने के लिए आपके पास इन्टरनेट सर्विस प्रोवाइडर (ISP) होना चाहिए.इसी के द्वारा दुनिया के सारे कंप्यूटर एक दूसरे से जुड़े रहते है. इन्टरनेट को हम नेटवर्क एक बहुत बड़ा जाल कह सकते है जिसमे बहुत सारे छोटे छोटे नेटवर्क के जाल होते है.

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इंटरनेट का उपयोग 

  • ऑनलाइन शॉपिंग इन्टरनेट बैंकिंग में 
  • फाइल शेयर करना 
  • ऑडियो विडियो कॉल करने में 
  • ईमेल भेजना और रिसीव करने में 
  • सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे Facebook, Quora, Twitter का यूज करना
  • सॉफ्टवेर, मीडिया फाइल्स डाउनलोड करने में

ज्यादा जानकारी के लिए इन्टरनेट के फायदे और नुकसान पढ़े 

इंट्रानेट की परिभाषा 

Intranet (इंट्रानेट) किसी कंपनी या संगठन का एक प्राइवेट नेटवर्क होता है जो वहा के कर्मचारियों के बीच सुरक्षित तरीके से कंपनी से जुडी जानकारी और संसाधनों को शेयर करता है. ये नेटवर्क केवल किसी कंपनी और वहा के कर्मचारियों के लिए ही विशेष तौर पर बनाया जाता है. कंपनी चाहे तो अपने ग्राहक या किसी और को भी इसका एक्सेस दे सकती है. Intranet के द्वारा ही सुरक्षित रूप से गोपनीय जानकारी, Database, लिंक्स, एप्लीकेशन फॉर्म्स आदि स्टाफ को उपलब्ध कराया जाता है.

इंट्रानेट के बारे में विस्तार से जानने के लिए आप ये पढ़े Intranet क्या है, कैसे काम करता है और इसके प्रकार?

इंट्रानेट का उपयोग 

  • कंपनी के नियम, पालिसी को अपडेट करके शेयर करना 
  • प्रोजेक्ट की जानकारी को शेयर करना 
  • प्रोजेक्ट रिपोर्ट सबमिट करना 
  • कंपनी के कर्मचारी के बारे में जानकारी प्राप्त करना 
  • फीडबैक और शिकायत सबमिट करना 

इन्टरनेट और इंट्रानेट में क्या अंतर है?

इन्टरनेट एक ग्लोबल (वैश्विक) नेटवर्क होता है जिसमे बहुत से कंप्यूटर एक दूसरे से कनेक्टेड होते है. जबकि इंट्रानेट में कंप्यूटरों की संख्या सीमित होती है. इन्टरनेट, इंट्रानेट की तुलना कम सुरक्षित होता है. इन्टरनेट किसी एक कंपनी का नहीं होता है इसमे बहुत से लोगो का स्वामित्व होता है. जबकि इंट्रानेट किसी एक कंपनी के अधीन होता है. इन्टरनेट कोई भी यूज कर सकता है जबकि इंट्रानेट केवल वही यूज कर सकता है जो इसके लिए अधिकृत (Authorized) हो.

चलिए अब इन सब अन्तरो को टेबल के माध्यम से समझ लेते है जिससे आपको अच्छे से समझ आ जायेगा इन्टरनेट और इंट्रानेट में  अंतर.

इंटरनेट और इंट्रानेट में अंतर-Difference between Internet and Intranet in Hindi

मापदण्ड Internet Intranet
मीनिंग पूरी दुनिया के कंप्यूटर नेटवर्क को एक साथ जोड़ता है जिससे बहुत से डाटा और सूचनाओ का आदान प्रदान होता है. ये किसी संगठन या कंपनी का निजी नेटवर्क होता है जिसमे सीमित संख्या में कंप्यूटर एक दूसरे से जुड़े होते है. इसे छोटा इन्टरनेट (Mini Internet) भी कहते है.
ट्रैफिक इन्टरनेट में ट्रैफिक बहुत अधिक होता है. क्योंकि इससे सारे दुनिया के यूजर जुड़े होते है. ट्रैफिक सीमित या कम होता है. क्योंकि कंपनी के कर्मचारी इससे जुड़े होते है.
उपलब्धता ये सबके लिए है. कोई भी इससे जुड़ सकता है. ये केवल उन्ही के लिए है जो अधिकृत (Authorized) है.
नेटवर्क टाइप ये खुला और बहुत बड़ा नेटवर्क (WAN) होता है जिसे दुनिया भर के यूजर यूज करते है. ये किसी आइलैंड की तरह सीमित नेटवर्क होता है जिसमे केवल कंपनी के स्टाफ ही होते है.
प्राइवेसी इसमे प्राइवेसी कम होती है. डाटा और जानकारी के लीक होने की सम्भावना बनी रहती है. इसमे firewall के कारण प्राइवेसी सुरक्षित रहती है.
उद्देश्य सभी कनेक्टेड यूजर को जानकारी और संचार की सुविधा देना. कंपनी से जुडी जानकारी को इंट्रानेट में रखकर बाहर के इन्टरनेट से बचाना.
सुरक्षा कम सुरक्षित ज्यादा सुरक्षित है.
यूजर्स की संख्या इन्टरनेट में अन लिमिटेड यूजर होते है. सीमित संख्या में यूजर होते है.
जानकारी इन्टरनेट पर सभी तरह की जानकारी मिल जाती है. इंट्रानेट में केवल कंपनी से जुडी सारी जानकारी होती है.
लक्षण इन्टरनेट में बहुत से इंट्रानेट होते है. इंट्रानेट, इन्टरनेट सबसेट (उप समुच्चय) होता है.

इन्टरनेट और इंट्रानेट में क्या समानताये है?

  • इन्टरनेट और इंट्रानेट दोनों को किसी भी ब्राउज़र के द्वारा यूज किया जा सकता है.
  • डाटा कम्युनिकेशन के लिए दोनों को Internet Protocol जैसे TCP/IP and FTP की जरुरत पड़ती है.
  • दोनों नेटवर्क यूजर को सिक्योरिटी देने के लिए प्रतिबद्ध होते है.
  • दोनों नेटवर्क डाटा की सुरक्षा के लिए Data Encryption and Decryption का यूज करते है. ताकि डाटा गलत हाथो में ना पहुँच जाए.
  • इन्टरनेट की तरह आप इंट्रानेट में भी किसी ऑनलाइन मैसेंजर का यूज कर सकते है.

निष्कर्ष : इंटरनेट और इंट्रानेट में अंतर

दोस्तों आपको ये पोस्ट इन्टरनेट और इंट्रानेट में क्या अंतर है (Difference between Internet and Intranet in Hindi) जरुर पसंद आई होगी. अब जब भी आपसे कोई पूछेगा इन्टरनेट और इंट्रानेट में अंतर तो आप आसानी से बता दोगे. इन्टरनेट और इंट्रानेट में अंतर के साथ दोनों में कुछ समानताये भी है जो मैंने ऊपर बता दिया है. दोस्तों मेरी यही कोशिश रहती है कि किसी टॉपिक के बारे में आपको एक ही जगह पर मिल जाए.

दोस्तों इस पोस्ट में कोई भी दिक्कत हो तो आप कमेंट करके पूछ सकते है. इस महत्वपूर्ण जानकारी को सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, व्हात्सप्प, ट्विटर आदि पर शेयर जरुर करियेगा.

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