ARPANET क्या है | What is ARPANET in Hindi?

नमस्कार दोस्तों आज हम ARPANET क्या है और ARPANET के फुल फॉर्म के बारे में जानने की कोशिश करेंगे और ये भी जानेंगे कि किस तरह अमेरिका के दो विश्वविद्यालयों से शुरू हुआ अरपानेट, आज के इन्टरनेट का आधार बना. हालाँकि ये आसान नहीं था ना लेकिन कुछ महान वैज्ञानिको के कारण ये सब संभव हुआ.

ARPANET का फुल फॉर्म क्या है-Full form of ARPANET

Advanced Research Projects Agency Network- एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी नेटवर्क

ARPANET क्या है-What is ARPANET in Hindi?

अरपानेट को United States Department of Defense के Advanced Research Projects Agency (ARPA) द्वारा वर्ष 1958 में शुरू किया गया था. इस प्रोजेक्ट को शुरू करने का मुख्य कारण यही था कि विश्वविद्यालय और रिसर्च संस्थान के कंप्यूटरों के बीच डाटा का आदान प्रदान करना. ARPA ही अमेरिकन विश्वविद्यालयों और संस्थानों में कंप्यूटर रिसर्च के लिए पैसे देती थी. ARPA को लगा कि विश्वविद्यालयों और संस्थानों में किये गए शोध कार्य को और गति मिलेगी यदि ये सारे कंप्यूटर रिसोर्स को एक नेटवर्क के सहारे शेयर करे

उस समय के Computers एक दूसरे से बात नहीं कर सकते थे. दो कंप्यूटरों के बीच डाटा भेजने के लिए पैकेट स्विचिंग (packet switching) का प्रयोग किया गया. पैकेट स्विचिंग का विचार Paul Baran ने दिया था. पैकेट स्विचिंग में डाटा को छोटे छोटे टुकडो या पैकेट में तोड़ दिया जाता है और लक्ष्य पर पहुचने पर फिर से जोड़ (Re construct) दिया जाता है. ये पैकेट्स किसी एक रास्ते को फॉलो नहीं करते है. इनके पास बहुत से रास्ते होते है लक्ष्य तक जाने के लिए.

Advertisements

ARPANET का इतिहास- History of ARPANET in Hindi

अरपानेट की स्थापना वर्ष 1968 में अमेरिका की संस्था ARPA (Advance research projects agency) द्वारा की गयी थी. ARPANET के विकास में J. C. R. Licklider, Bob Taylor का महान योगदान था. शुरुआत में अमेरिका के चार कॉलेज University of California Santa Barbara (UCSB), University of Utah, University of California Los Angeles (UCLA), Stanford Research Institute (SRI) के कंप्यूटरों को कनेक्ट करके ARPANET बना था. इसमे भी सबसे पहले October 29, 1969 को UCLA और SRI के दो कंप्यूटरों के बीच LOGIN मेसेज पैकेट स्विचिंग के द्वारा UCLA के कंप्यूटर से भेजा गया जिसमे LO तो चला गया लेकिन जैसे ही G टाइप किया गया सिस्टम ही क्रैश कर गया.

1969 के अंत तक और भी कॉलेज इससे जुड़ने लगे. और 1972 तक इसमे 37 कंप्यूटर जुड़ चुके थे. जिसमे नासा और MIT जैसे संस्थान भी थे. ARPANETके पहले 10 साल में नेटवर्क से जुड़े काफी आविष्कार हो चुके थे जैसे Telnet, फाइल ट्रान्सफर प्रोटोकॉल, नेटवर्क कण्ट्रोल प्रोटोकॉल और ईमेल आदि.

ARPANET in Hindi
अमेरिका में फैला हुआ ARPANET map 1974, Image credit-commons.wikimedia.org
Advertisements

ARPANET से इन्टरनेट कैसे बना-How did ARPANET become the Internet?

वर्ष 1973 में पहली बार ARPANET दूसरे देश से जुड़ा. ये अमेरिका के विश्वविद्यालयों से नार्वे से होते हुए यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (इंग्लैंड) तक गया. और प्रशांत महासागर में स्थित हवाई द्वीप को भी जोड़ा. इसके अलावा ये अमेरिका के बहुत से कॉलेजों को जोड़ा इस तरह कुल 37 स्थानों को ARPANET के द्वारा जोड़ा गया. लेकिन यहा पर दिक्कत ये थी कि सभी संस्थान अपने अलग कंप्यूटर नेटवर्क बनाने लगे जो कि ARPANET को सपोर्ट नहीं करता था और दो अलग कंप्यूटर नेटवर्क को जुड़ने में दिक्कत होती थी. तो ऐसे समय में एक ऐसे प्रोटोकॉल (Set of Rules) की जरुरत थी दो अलग कंप्यूटर नेटवर्क को ARPANET से आसानी से कनेक्ट कर सके चाहे उन कंप्यूटर में कोई भी सॉफ्टवेर हो या फिर वो कंप्यूटर अलग अलग कंपनी की हो.

1974 में दो अमेरिकन इंजीनियर Bob Kahn और Vint Cerf ने ट्रांसमिशन कण्ट्रोल प्रोटोकॉल/इन्टरनेट प्रोटोकॉल (Transmission control protocol-TCP/IP ) का विचार दिया जिसने ARPANET को और विस्तार दिया जो आज भी इन्टरनेट में यूज होता है.

TCP का टेस्ट पहली बार वर्ष 1975  में दो विश्वविद्यालयों के बीच हुआ था. इस तरह के और टेस्ट 1983 तक चलते रहे और फिर अमेरिका ने 1 जनवरी 1983 से सभी मिलिट्री कंप्यूटर नेटवर्क के लिए इसे लागू कर दिया. और वैज्ञानिको ने सभी छोटे बड़े नेटवर्क को ARPANET से जोड़ दिया. इसके बाद अमेरिका के बाहर के संस्थानों ने इसे स्वीकार लिया. इस तरह से ARPANET इन्टरनेट का आधार बना.

ARPANET कैसे काम करता है?

ARPAnet  packet-switching तकनीक का उपयोग करता है। पैकेट-स्विचिंग का मतलब है कि सूचना के छोटे छोटे टुकड़े किसी भी मार्ग से जा सकते हैं और फिर भी अपने अंतिम destination पर पहुँच सकते हैं। उदाहरण के लिए, आप सोचें कि कहां रहते हैं और फिर अपने लोकल मार्केट जाने के विभिन्न रास्तो के बारे में सोचें। आप लंबा रास्ता या छोटा रास्ता भी अपना सकते हैं। इस तरह मार्केट जाने का कोई फिक्स रास्ता नहीं है कोई किसी भी रास्ते से जा सकता है. यही पैकेट स्विचिंग तकनीक का कांसेप्ट है।

ARPAnet Features

  • ARPANET मूल रूप से एक वाइड एरिया नेटवर्क या WAN है।
  • ARPANET के निर्माण से पहले, सभी नेटवर्क में एक टेलीफोनिक कनेक्शन था और वे सर्किट स्विचिंग के सिद्धांत का उपयोग करके संचालित होते थे। हालाँकि, इसने नेटवर्क को बहुत कमजोर बना दिया। यहां तक ​​​​कि अगर एक भी लाइन खो जाती है, तो इससे होने वाली सभी बातचीत समाप्त हो जाएगी।
  • ARPANET पैकेट स्विचिंग के सिद्धांत का उपयोग करने वाली पहली तकनीक थी।
  • टीसीपी/आईपी मॉडल का आविष्कार उसके प्रोटोकॉल के साथ 1974 में किया गया था। यह इंटरनेटवर्क पर होने वाले संचार के विभिन्न रूपों को संभालने के लिए किया गया था क्योंकि अधिक नेटवर्क ARPANET से जुड़ना शुरू कर रहे थे। इस मॉडल के निर्माण के साथ, ARPANET के साथ LAN कनेक्शन बहुत आसान हो गया।
  • 1980 की अवधि के दौरान, ARPANET से कई LAN कनेक्शन किए गए। इसलिए, मेजबानों को ढूंढना काफी महंगा और मुश्किल भी हो गया। इसलिए, DNS या डोमेन नेमिंग सिस्टम का निर्माण हुआ। यह घटना सभी मशीनों को अलग-अलग डोमेन में व्यवस्थित करने और होस्टनामों को आईपी पते में मैप करने के लिए हुई।

ARPAnet को पहली बार किसने हैक किया

ARPANET को पहली बार अमेरिकन हैकर Kevin Poulsen ने वर्ष 1983 में हैक किया था.

ARPAnet की देन 

ARPANET कंप्यूटर टेक्नोलॉजी के विकास में एक प्रमुख भूमिका निभा रहा है। कई इंटरनेट तकनीकों को पहले ARPANET पर या उसके लिए विकसित किया गया था। Telnet और FTP protocols पहले ARPANET पर यूज किए गए कुछ प्रोटोकॉल थे, और ये आज भी उपयोग में हैं। इसी पर TCP/IP विकसित किया गया था। पहला नेटवर्क ईमेल 1971 में ARPANET पर भेजा गया था। 

ARPANET ने कई अन्य नेटवर्किंग फर्स्ट का भी नेतृत्व किया। लिस्ट सर्वर प्रारंभिक सामाजिक नेटवर्क बन गए । इस पर प्रारंभिक आवाज संचार प्रोटोकॉल विकसित किए गए थे। पासवर्ड सुरक्षा और डेटा एन्क्रिप्शन  ARPANET पर उपयोग के लिए विकसित किए गए थे।

ये भी पढ़े

निष्कर्ष : What is ARPANET in Hindi

दोस्तों मुझे पूरा यकीं है आपको ARPANET क्या है हिंदी में अच्छे से समझ आ गया होगा आप ARPANET और DARPANET में कंफ्यूज मत होना. 1971 में ARPANET का नाम बदलकर DARPANET मतलब Defense Advanced Research Projects Agency network कर दिया गया था. दोस्तों इससे सम्बंधित कोई प्रश्न हो तो आप कमेंट करके पूछ सकते है आपके प्रश्नों का जवाब देने में मुझे खुशी होगी.

इस तरह की और जानकारी के लिए आप हमारे Tech, Google products और Internet केटेगरी को देख सकते है और हमारे फेसबुक, इन्स्ताग्राम, Quora और ट्विटर पेज को भी फॉलो कर सकते है। आप हमारे वेबसाइट utsukhindi.in को सब्सक्राइब भी कर सकते है.

ARPANET in Hindi FAQs

ARPANet का आविष्कार किस देश में किया गया था?

ARPANet का आविष्कार संयुक्त राज्य अमेरिका में हुआ था।

ARPANet कब बनाया गया था?

ARPANet का विचार पहली बार 1960 के दशक में अस्तित्व में आया था। हालाँकि, यह 1969 तक पूरी तरह से चालू नहीं था। यह मूल रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका की सेना और सरकार की एक परियोजना थी जो अंततः कई अन्य वैज्ञानिक और अनुसंधान संस्थानों को शामिल करने के लिए विस्तारित हुई। निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी करने के बाद, ARPANet को 1990 में भंग कर दिया गया था।

ARPANet द्वारा मूल रूप से कितने कंप्यूटरों को जोड़ा गया था?

मूल रूप से, चार कंप्यूटर टर्मिनलों को ARPANet द्वारा जोड़ा गया था। ये चार कंप्यूटर यूसीएलए, स्टैंडफोर्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट, कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय और यूटा स्कूल ऑफ कंप्यूटिंग विश्वविद्यालय में स्थित थे।

ARPANet की स्थापना किसने की?

ARPANet की स्थापना संयुक्त राज्य अमेरिका के रक्षा विभाग की उन्नत अनुसंधान परियोजना एजेंसी (ARPA) द्वारा की गई थी। ARPANet के निर्माण में कई वैज्ञानिकों की प्रमुख भूमिका थी, जिनमें JDR लिक्लिडर और डोनाल्ड डेविस (Donald Davies) शामिल थे।

ARPANET का पूरा नाम (full form) क्या है?

ARPA का फुल फॉर्म एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी नेटवर्क है।

ARPANET को पहली बार किसने हैक किया?

ARPANET को पहली बार अमेरिकन हैकर Kevin Poulsen ने वर्ष 1983 में हैक किया था

1 thought on “ARPANET क्या है | What is ARPANET in Hindi?”

Leave a Comment

Your email address will not be published.

Advertisements

You cannot copy content of this page